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200 से अधिक संस्कृत छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गयाः डॉ. जीतराम भट्ट
January 30, 2019 • Delhi Search

नई दिल्ली, दिल्ली संस्कृत अकादमी, दिल्ली सरकार द्वारा विद्याभवन महाविद्यालय, लोधी स्टेट में नई दिल्ली मण्डल की छः दिवसीय संस्कृत प्रतियोगिताओं के पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजित किया गया। इस समारोह में उपस्थित छात्र-छात्राओं का उत्साह वर्धन करते हुये अकादमी के सचिव डॉ. जीतराम भट्ट ने कहा कि अकादमी द्वारा आज दिल्ली के नई दिल्ली मण्डल के 200 से अधिक संस्कृत छात्र-छात्राओं को प्रतियोगिता पुरस्कारों से सम्मानित कर रही है। इस प्रकार के कार्यक्रम एवं गतिविधियों से अकादमी अपने उद्देश्यों को अग्रसर करने के लिये आवश्यक है। संस्कृत हमारे देश की पहचान है इस भाषा से जितने युवा लोग जुडेगे भाषा उतनी ही समृद्ध होगी। संस्कृत भाषा के लिये सम्मानित होने वाले आप ही लोग इस देश के भविष्य हैं आगे आप ही देश विभिन्न पदों पर कार्यरत रहेगे। संस्कृत प्रतिभा पुरस्कार से सम्मानित किये जाने वाले छात्र-छात्राओं को नकद राशि, प्रमाण पत्र एवं संस्कृत साहित्य दिया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिल्ली शिक्षा निदेशालय की उप शिक्षा निदेशिका डॉ. वीना रानी ने कहा कि आज सम्मानित होने वाले छात्रों को उनकी प्रतिभा के आधार पर सम्मानित किया जा रहा है। संस्कृत को जीवन में उच्च प्रगति के लिये प्रेरित करता है। विश्व की समस्त प्राचीन भाषाओं और उनके साहित्य में संस्कृत का अपना विशिष्ट महत्त्व है। विश्व के अनेक देशों में संस्कृत भाषा के वैज्ञानिक पक्ष पर कार्य चल रहा है। भारतीय ही नहीं समस्त विश्व की भाषाओं को जोडने वाली यदि कोई भाषा है तो वह निसन्देश संस्कृत भाषा है। इस अवसर पर प्रतियोगिताओं के संयोजक एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि दिल्ली संस्कृत अकादमी दिल्ली में संस्कृत भाषा को लोक प्रिय बनाने के लिये अपने स्तर पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन करती है आप लोग अधिक से अधिक संख्या में अकादमी के कार्यक्रमेां में सहभागिता करें। आप लोगों के सहयोग से ही अकादमी संस्कृत को जन जन तक पहुचाने का कार्य करेगी। संस्कृत भाषा में लिखित साहित्यों में भारत की प्राचीन सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, दार्शनिक, सामाजिक और राजनैतिक जीवन के विकास की समृद्धि की सम्पूर्ण व्याख्या संस्कृत साहित्य में वर्णित है। आप लोगों को कोई भी कार्य अपना लक्ष्य रख कर आगे बढना चाहिये। संस्कृत आपको जीवन के हर लक्ष्य को सरल बनाने का कार्य करेगी।