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हैवानियत की हद
June 10, 2019 • Delhi Search

क्या हम उसी देश में रह रहे हैं जहां लोग कन्या पूजन करते हैं ? जहां बेटियों को शक्ति स्वरूपा माना जाता हैअलीगढ़ में हुई एक मासूम बालिका के साथ दुर्लभ और वीभत्स घटना जानकर ये ऊपर लिखी बातें अब दिल मानने को तैयार नहीं है। अलीगढ़ में हुई 3 वर्षीय बालिका के साथ वीभत्स घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। घटना ऐसी है कि कोई खुलकर साफ-साफ शब्दों में किसी को बताने में भी शर्म आ जाए ऐसा घिनौना काम करने वाले लोगों ने देश को शर्मसार कर दिया है। पुरुष चाहे कितना कठोर क्यों ना हो पर आज किसी व्यक्ति में इतना दम नहीं होगा इस बालिका के साथ हुई हैवानियत के पोस्टमार्टम रिपोर्ट को वह अपने घर परिवार के सामने बता सके। इतनी हैवानियत शरीर के अंग टुकड़े-टुकड़े कर दिया,आंत से लेकर आंख से अलग-थलग हैं। प्राइवेट पार्ट के साथ कुछ उसी तरह का कृत्य इन दरिंदों ने किया है जैसा कि दिल्ली में निर्भया कांड में हुआ था। चंद रुपयों के लिए इस तरह की हैवानियत वह भी रमजान के पाक महीने में एक मासूम सी बालिका के साथ किया जाना सच में चिंताजनक। क्या उनकी रूह भी नहीं कांपी होगी जब वह बालिका अपने अंतिम वक्त में चीखी होगी, चिल्लाई होगी, रोई होगी। बेशक ऐसा काम करने वाले लोग मानसिक रूप से विकृत होंगे। परंतु उससे कहीं अधिक वे लोग भी जिम्मेदार हैं जो 30 मई को गायब बालिका का पता लगाने से लेकर रेप तक को झूठलाने में पुलिस का रवैया निसंदेह निराशाजनक रहा। वह तो भला हो सोशल मीडिया का जो सोशल मीडिया पर यह मामला हाईलाइट होने के कारण खबरें यह हम तक पहुंची पुलिस का यह गैर जिम्मेदाराना रवैया यह एक सभ्य समाज में कतई उचित आचरण नहीं कहा जा सकता हालांकि राहत की खबर यह है कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है परंतु हमारे समाज में लोगों में आ रही इस प्रकार की मानसिक अपंगता और नैतिक गिरावट का क्या करेंगे क्या पुलिस और प्रशासन के सतर्क हो जाने मात्र से इस प्रकार की घटनाएं रुक जाएंगी। सीधे उत्तर दे तो नहीं आए दिन इस प्रकार की छोटी बच्चियों के साथ खबरें हम अखबारों में पढ़ते हैं न्यूज चैनलों में सुनते हैं। पर इस को कैसे रोका जाए समाज में इस पर कभी मंथन नहीं करते। इस प्रकार की घटनाओं पर जागरूकता और सतर्कता से कहीं अधिक मंथन करने का भी कि आखिर इस प्रकार की घटनाओं को कैसे रोका जाए इस प्रकार की मानसिकता वाले लोगों को समाज से बहिष्कृत किया जाए।तुरंत सुनवाई करके मृत्यु दंड देना चाहिए ताकि कोई और ऐसा अपराध करने की जुर्रत न कर सके

सूर्य प्रकाश भारद्वाज
संयोजक आर डब्लू ए जिला उतर पश्चिमी भा ज पा