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सियासत का मतलब लोगों के दिलों पर हुकूमत: अयाज हाश्मी
December 24, 2018 • Delhi Search

-जैतपुर में गरीबों को कंबल बांटे गए

दिल्ली के जैतपुर (बदरपुर) में सोशल एलायंस ट्रस्ट की ओर से गरीबों में पिछले हफ्ते रजाई बाटे जाने के बाद इस हफ्ते कंबल बांटे जाने का काम जोरो शोर से जारी रहा, जिसमें काफी तादाद में गरीबों को कंबल बांटे गए। इस अवसर पर सोशल एलायंस ट्रस्ट के चेयरमैन और कांग्रेस पार्टी के नौजवान लीडर बिलाल अहमद समेत डॉ. अयाज हाश्मी, हसीब खान, मुफ्ती जफर कासमी, नदीम अहमद, राजा भाई, शमसुल खान और राजू समेत समाजसेवियों की एक बड़ी तादाद मौजूद थी।

इस अवसर पर बिलाल अहमद ने कहा कि वैसे तो सच्चाई यही है कि नेकी के काम छुप छुपा कर करने चाहिए और उसका प्रचार-प्रसार कम होना चाहिए, लेकिन कुछ ऐसे काम भी हैं, जिसका प्रचार प्रसार जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा कि हमें यकीन है कि हमारे इन कामों से प्रभावित होकर और भी समाज के हमसे ज्यादा अच्छे और मजबूत लोग आगे आएंगे और हमारे छोटे मोटे काम को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग प्रदान करेंगे।

उन्होंने कहा कि कोई भी काम ना छोटा होता है ना बड़ा होता है, उसमें सब से बड़ा अमल दखल नीयत और नीति का होता है। उन्होंने कहा कि हमारी नियत और हमारी नीति बिल्कुल साफ है। हमारा एक ही मकसद है गरीबों के उत्थान के लिए काम करना और सियासत हमारा सेकेंडरी मकसद है। उन्होंने कहा कि जब गरीब खुश होंगे तो अल्लाह खुश होगा, और जब अल्लाह खुश होगा तो फिर किसी को खुश करने की कोई जरूरत नहीं है।

इस अवसर पर बिलाल अहमद ने लोगों से अपील की कि इलाके में जितने भी गरीब लोग ऐसे हैं जिनको कंबल की जरूरत है उनका नाम पर्ची पर उनकी ऑफिस में पहुंचा दिया जाए, ताकि जितना भी मुमकिन हो सकेगा उनके दुख को बांटने की कोशिश कीजाए।

इस अवसर पर डॉ. अयाज हाश्मी ने बिलाल अहमद की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिलाल अहमद ने हमेशा से समाज के गरीबों के उत्थान के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि आज उसी कड़ी में यह कंबल वितरण का प्रोग्राम हुआ है। पिछले हफ्ते लोगों को रजाई दी गई थी, इस हफ्ते लोगों को कंबल बांटा गया और आगे भी जारी रहेगा।

डॉ. अयाज हाश्मी ने लोगों से अपील की कि वह दुख को बड़े पैमाने पर बांटने के लिए आगे आएं, क्योंकि समाज में अमीरों का काम गरीबों की सेवा करना है और सियासत इसी का नाम है कि लोगों के दिलों पर हुकूमत की जाए ना कि उनके दिलों में दहशत पैदा की जाए।