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रामनिवास गोयल ने किया पुस्तक जाटव समाज का उद्गम एवं दलित आन्दोलन का विमोचन
December 29, 2018 • Delhi Search

नई दिल्ली, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने आज समाजसेवी व लेखक डा. ओम प्रकाश मौर्य द्वारा लिखित पुस्तक जाटव समाज का उद्गम एवं दलित आन्दोलन का दिल्ली विधानसभा में विमोचन किया। इस अवसर पर विधायक विषेश रवि, विधायक मनोज कुमार और विधायक राजू धिंगान के अलावा बड़ी संख्या में जाटव समाज से जुड़े लोग और पत्रकार मौजूद थे।

इस मौके पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा कि लेखन कार्य आसान कार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि जाति व्यवस्था किसी भी ग्रंथ में नहीं थी, कुछ लोगों ने अपने निजी फायदे के लिए समाज को जाति बंधनों में बांध दिया। उन्होंने समाज के हर उस वर्ग को दलित बताया जो अभावों में रहता है। उन्होंने ने दलित समाज के प्रबु़द्ध लोगों को आगे आकर अपने समाज के लोगों को सही दिशा दिखाने और शिक्षा की ओर अग्रसर करने का अह्वान किया और इस बारे में उन्हें चिंतन करने का भी सुझाव दिया। श्री गोयल ने कहा कि देश की प्रगति के लिए जातिविहीन समाज की संरचना की महत्ती जरूरत है। जातिवाद के आधार पर अत्याचार और दमकारी प्रहार की भरत्सना की जानी चाहिए।

पुस्तक के लोकार्पण के अवसर पर दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने पुस्तक के लेखक डा. ओम प्रकाश मौर्य को बधाई दी और उनका स्वागत फूलों का गुलदस्ता एवं शाल देकर किया। श्री गोयल ने यह भी कहा कि हमारे राष्ट्र व संस्कृति के विकास को सुनिश्चित करने में देश के हर मजहब और जाति के लोगों की अहम भूमिका रही है। राष्ट्र की सांस्कतिक एवं सामाजिक विराटता को बनाए रखने में और देश के समग्र विकास में देश की सभी जातियों के लोगों ने अपना भरपूर योगदान दिया है।

श्री गोयल ने आगे कहा कि आज के वैज्ञानिक व प्रगतिशील युग में किसी जाति को छोटा या बड़ा कहना ठीक नहीं होगा और न ही किसी के द्वारा इन जातियों में भिन्नता का भेद बताना न्यायसंगत होगा। आज जरूरत इस बात की है कि प्रगति की दौड़ में सभी लोगों का साथ जरूरी है। विकास का लाभ सभी लोगों को मिले। कोई किसी को छोटा या बड़ा न समझे। सब सभी की भावनाओं का सम्मान और आदर करें।

श्री गोयल ने कहा कि डा. मौर्य ने प्रस्तुत पुस्तक में अनुसूचित जातियों में जाटव जाति के उद्भव और विकास पर सामाजिक, सांस्कृति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। श्री गोयल ने कार्यक्रम के अंत में कहा कि डा. ओपी मौर्य को इसी विधानसभा में दिल्ली सरकार द्वारा डा. अम्बेडकर रत्न पुरस्कार से अनन्य सामाजिक सेवाओं के लिए पुरस्कृत किया गया था। गोयल ने कहा कि इस अवसर पर मैं अपने हृदय की गहराईयों से डा. मौर्य को उनके द्वारा लिखी गई पुस्तक के लिए एकबार फिर दिल्ली विधानसभा में स्वागत किये जाने पर बधाई देता हूं।