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पुलवामा में जैश के फिदायीन हमले में 40 जवान शहीद
February 15, 2019 • Delhi Search

पुलवामा, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 78 गाड़ियों के काफिले पर गुरुवार दोपहर 3.15 बजे हुए आतंकियों के फिदायीन हमले में एक बस में सवार कम से कम 40 जवान शहीद हो गए। हालांकि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे पर अवंतिपुरा में किये गए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं के अलावा अमेरिका ने भी इस घटना की तीखी निंदा की है। जैश-ए-मोहम्मद ने अपने कमांडर आदिल अहमद डार उर्फ वकास कमांडो का फोटो जारी किया है। करीब 350 किलोग्राम विस्फोटक से लैस स्कार्पियो सवार आदिल अहमद डार उर्फ वकास कमांडो ने इस फिदायीन हमले में खुद को उड़ा लिया। इस काफिले में 2547 जवान शामिल थे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सीआरपीएफ का काफिला जैसे ही लेथपोरा से गुजरा, आतंकवादी ने अपनी गाड़ी जवानों से भरी एक बस से टकरा दी। पुलवामा के काकापोरा का रहने वाला आदिल 2018 में जैश में शामिल हुआ था। उधर, गृह सचिव राजीव गाबा को भूटान दौरा रद्द कर फौरन नई दिल्ली बुला लिया गया है। इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आपात बैठक कर अधिकारियों से हालात पर चर्चा की है। इस हमले से देश गुस्से में है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ के कार्यक्रम रद्द कर दिल्ली पहुंच रहे हैं। राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से हालात पर चर्चा की है। वह शुक्रवार को पटना का दौरा रद्द कर श्रीनगर जाएंगे। उन्होंने सीआरपीएफ के महानिदेशक आर.आर. भटनागर से भी बात की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है, पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हमला घृणित है। जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। पूरा देश जवानों के परिवार के साथ खड़ा है। एक अधिकारी के मुताबिक काफिले को शाम होने से पहले श्रीनगर पहुंचना था। घाटी लौटने वाले जवानों की संख्या ज्यादा थी। मौसम खराब होने की वजह से हाइवे पर भीड़ नहीं थी। आमतौर पर ऐसे काफिलों में एक बार में एक हजार जवान होते हैं। इस बार इनकी संख्या 2547 थी। काफिले में रोड ओपनिंग पार्टी और बख्तरबंद आतंकरोधी गाड़ियां भी शामिल थीं। जिस बस को निशाना बनाया गया, वह 76वीं बटालियन की है। इसमें 39 जवान सवार थे। फॉरेंसिक और बम विशेषज्ञ टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। 300 किलोमीटर का यह हाइवे रणनीतिक रूप से काफी अहम है और इस पर हमेशा सुरक्षाबलों की चैकसी रहती है।

जैश-ए-मोहम्मद के प्रवक्ता मोहम्मद हसन ने एक स्थानीय मीडिया से कहा है कि हमारा संगठन सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेता है। इस फिदायीन हमले को आदिल अहमद उर्फ वकास कमांडो ने अंजाम दिया। वह पुलवामा के गुंडी बाग से ऑपरेट करता था। 31 मई, 2018 को मुठभेड़ में वकास बचकर भाग निकला था। इस मुठभेड़ में वकास कमांडो का घर जलकर राख हो गया था। खुफिया सूत्रों के मुताबिक आतंकी पिछले कुछ समय से फिदायीन हमले करने में नाकाम हो रहे थे। इसी वजह से जवानों के काफिले वाली बस को टक्कर मारकर हमला किया गया। फिदायीन हमले में कश्मीर के युवाओं से ज्यादा पाकिस्तान से आए आतंकी ज्यादा माहिर होते हैं। इस हमले में आरडीएक्स का प्रयोग किया गया। पोस्ट इंवेस्टिगेशन के लिए एनएसजी और एनआईए की टीम घटनास्थल के लिए जाएगी। ये टीम विस्फोटक के नमूने की भी जांच करेगी।
उधर, इस मामले पर विचार-विमर्श के लिए सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की शुक्रवार को सुबह सवा नौ बजे बैठक होगी, जिसमें इस पर अगली रणनीति तय की जाएगी। अमेरिका ने पुलवामा आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। अमेरिका ने कहा, आतंकवाद की लड़ाई में हम भारत के साथ खड़े हैं। पूर्व सेना प्रमुख और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने ट्वीट किया, एक सैनिक और देश का नागरिक होने के नाते इस कायरतापूर्ण हमले पर मेरा खून खौल रहा है। पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों के बलिदान को सलाम करता हूं। वादा करता हूं कि हमारे जवान के खून के एक-एक बूंद का बदला लिया जाएगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, हमले की निंदा शब्दों से परे है। यह कायराना हरकत है। मेरी गहरी संवेदना सैनिकों के परिवारों के साथ है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने घटना की निंदा करते हुए कहा, कायरतापूर्ण कृत्य है। इस मामले में दोषियों के विरुद्ध कठोर कारवाई होनी चाहिए। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट में हमले की कड़ी निंदा करते हुए लिखा, सीआरपीएफ पर कायरतापूर्ण और निंदनीय आतंकी हमला है। पूरा देश शहीदों को सलाम करता है। इस क्रूर कार्रवाई के लिए आतंकियों को कड़ा सबक सिखाया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस हमले की कड़ी आलोचना की है। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पुलवामा हमले की कड़ी निंदा की है।