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जिंदगी से प्यार न रहा भारत माँ की रक्षा ही जीवन बन गया:लाजपत राय यादव
January 25, 2019 • Delhi Search

 

 

नई दिल्ली 70वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर 99 वर्ष के युवा स्वतंत्रता सेनानी लाजपत राय यादव जी का मारग्रेटेरियनस द्वारा भव्य स्वागत
पर्व हमें उमंग तथा उत्साह से भर देते हैं साथ ही नवीनता व परिवर्तन के परिचायक है राष्ट्रीय पर्वों का हमारे जीवन में विशेष महत्व हैं ये हमारे मन में देश.भक्ति व प्रेम का संचार करते हैं 70वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सेंट मारग्रेट सी सै स्कूल प्रशांत विहार में कक्षा सात के छात्र.छात्राओं ने देश के प्रति अपने असीम प्रेम को अपनी कला तथा योग्यता के माध्यम से दिखाया इस विशेष दिन आमंत्रित अतिथियों के आगमन पर परम्परागत रूप से उनका स्वागत किया गया
कार्यक्रम में विशेष अतिथि स्वतंत्रता सेनानी लाजपत राय यादव जी जिन्होंने आज़ादी के महत्व को समझा और आज़ादी की लड़ाई में अपना सक्रिय योगदान दिया तथा मुख्य अतिथि शूटिंग खेल के क्षेत्र में अर्जुन अवार्ड से अलंकृत श्री अंकुर मित्तल जोकि विदयालय के पूर्व छात्र तथा गौरव भी है शामिल थे सभी सम्म्मानित अतिथियों प्रबंधकीय सदस्यों तथा प्रधानाचार्या जी ने देश के गौरव और प्रतिष्ठा के प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज को फहराया जिसके बाद राष्ट्रगान हुआ तथा गुब्बारों को आकाश में छोड़ते हुए सबने एक नई सोच एक नए विचार से देश के प्रति अपने दायित्वों को पूरा करने का संकल्प लिया
प्रधानाचार्या श्रीमती रेनू जैन जी ने गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता व अखंडता को बनाए रखने हेतु बच्चों से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ मिलकर लड़ने का संकल्प लेने की शपथ दिलवाई चेयरमैन बी० आर० गोस्वामी द्वारा देशभक्ति व देश.प्रेम का गरिमापूर्ण भाषण दिया गया
राष्ट्र के बहुमुखी विकास के लिए कृत.संकल्प माननीय यादव जी ने देश के प्रति समर्पित कार्यों और अपने निजी अनुभवों को बच्चों के साथ बाँटा उन्होंने बताया कि बच्चे कल का भविष्य हैं उन्हें देश को अपनी नई सोच व उत्साह से आगे बढाना हैं जिसके लिए स्वतंत्रता के अर्थ को समझना होगा देशभक्ति के जज्बे को मन से अपना कर भारतीय परम्परा व संस्कारों को बचाना होगा युवावर्ग को नैतिकता व अनुशासन के द्वारा भारतीय मूल्यों की रक्षा करनी हैं उमंग ऊर्जा तथा उत्साह ने सबको प्रभावित किया बच्चे उनसे प्रभावित हुए और दिल खोल कर उनसे मिले बच्चों को उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला

उन्होंने कहा कि
भारत की ख़ूबसूरती तिरंगे की शान ने ऐसा काम कर दिया
जिंदगी से प्यार न रहा भारत माँ की रक्षा ही जीवन बन गया
बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत गीत तथा नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति से सभा में चार चाँद लग गए भारतीय संविधान के महत्त्व और आवश्यकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रशंसनीय था वैविध्य पूर्ण कार्यक्रम ने दर्शकों के मन में देश.प्रेम व भक्ति को जगाया भारतीय सैनिक बने छात्रों ने अदभुत व विहंगम दृश्य प्रस्तुत किए जो देश के वीर जवानों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि थी विदयालय का प्रांगण देश.प्रेम के भावों से ओत.प्रोत था
आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे
शहीदों की क़ुरबानी कभी बदनाम नहीं होने देंगे
बची हो जो एक बूंद भी लहू की
तब तक भारत माँ का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे
विद्यालय का प्रांगण रंग.बिरंगी झंडियों तथा गुब्बारों से सज़ा हुआ था जोकि आकर्षण का केन्द्र था अंत में प्रबंधकीय निदेशक नवीन गोस्वामी ने सभा को संबोधित करते हुए देश.प्रेम व नैतिकता की बातें की जिनसे छात्रों को प्रेरणा मिली
प्रधानाचार्या ने छात्रों की योग्यता तथा अध्यापकवृंद के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी तथा शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभावान छात्रों को प्रशस्ति.पत्र प्रदान कर उनका गौरव बढ़ाया आमंत्रित मेहमानों को विदा करने के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ